कानपुर, अप्रैल 2 -- लखनऊ, विधि संवाददाता सीबीआई की विशेष अदालत ने कानपुर में बैंक आफ इंडिया लालबंगला शाखा के तत्कालीन सीनियर मैनेजर समेत पांच को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी पर 3.40 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। तत्कालीन सीनियर मैनेजर नरेश चंद्र भारद्वाज एवं बाहरी व्यक्ति साधना दीक्षित, रामजी शुक्ला, जितेंद्र श्रीवास्तव एवं प्रेम प्रकाश पर फर्जी कागज के आधार पर वाहन तथा मकान ऋण स्वीकृत कराने का आरोप था। कोर्ट में विचारण के दौरान आरोप साबित होने पर सजा सुनाई गई।सीबीआई की ओर से बताया गया कि इस मामले की रिपोर्ट बैंक के जोनल मैनेजर की लिखित शिकायत पर 11 जनवरी 2008 को सीबीआई ने नरेश चंद्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज की थी। उसमें कहा गया कि 17 जुलाई 2006 से 26 अक्टूबर 2006 के दौरान आरोपी सीनियर मैनेजर ने विक्रम दीक्षित एवं लोग...