नई दिल्ली, अगस्त 7 -- बैंक अकाउंट खोलते समय, म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय या बीमा पॉलिसी खरीदते समय नॉमिनी का नाम देना जरूरी होता है। इसी वजह से कई लोग मान लेते हैं कि खाताधारक की मौत के बाद नॉमिनी ही उस अकाउंट या निवेश का मालिक बन जाता है। लेकिन कानूनी तौर पर ऐसा हर मामले में सही नहीं होता है।नॉमिनी के पास नहीं होता संपत्ति का मालिकाना हक? असल में ज्यादातर मामलों में नॉमिनी केवल पैसे या संपत्ति का अस्थायी संरक्षक यानी कस्टोडियन होता है। उसका काम संबंधित संस्था से रकम या संपत्ति लेना और बाद में उसे सही कानूनी वारिसों तक पहुंचाने के प्रोसेस को आसान बनाना होता है। इसका मतलब यह नहीं कि नॉमिनी को उस संपत्ति का स्थायी मालिकाना हक मिल गया।आखिर कौन होता है बैंक खाते का असली मालिक? फिर सवाल उठता है कि आखिर असली मालिक कौन होता है? इसका जवाब व्य...