मुरादाबाद, मई 10 -- धन की बचत करने के लिए बैंकों में आरडी (रिकरिंग डिपॉजिट) खाता खोलने का विकल्प लुप्त होने के कगार पर आ गया है। मुरादाबाद के बैंकों में आरडी खाते घटकर लगभग जीरो के करीब पहुंच गए हैं। यह हकीकत बैंकों के वार्षिक ऑडिट में सामने आई है। एफडी भी काफी तेजी से घट गई हैं। शहर के कई चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ने विभिन्न बैंकों में ऑडिट की कमान संभाली। चार्टर्ड एकाउंटेंट पुनीत कुमार बर्मन ने बताया कि आरडी खाते खुलवाने वाले लोगों की संख्या अब बैंकों में बेहद घट जाने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरडी खातों में जमा जो रकम करोड़ों में हुआ करती थी अब महज लाखों में दिखाई दी है। चार्टर्ड एकाउंटेंट अमित अग्रवाल ने बताया कि जिन गिने चुने बैंकों में खाताधारक के रूप में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या काफी अधिक है सिर्फ उन्हीं बैंकों में कुछ आ...