नई दिल्ली, अगस्त 9 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। बीते काफी समय से भारतीय रिजर्व बैंक रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। इसके बाद लग रहा था कि बैंकों और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) द्वारा ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी, लेकिन बीते एक महीने से बैंकों और एनबीएफसी द्वारा अलग-अलग श्रेणी में ऋण से जुड़ी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जा रही है। बैंक उसके लिए कई तरीके से फॉर्मूले लगा रहे हैं। जुलाई के बाद से बैंकों द्वारा अलग-अलग श्रेणी में शुल्क लगाए जा रहे हैं या फिर ब्याज दरों में सीधे बढ़ोतरी की जा रही है।

पंजाब नेशनल बैंक में अब एमसीएलआर पंजाब नेशनल बैंक ने फंड आधारित उधार दर की सीमांत लागत (एमसीएलआर) में नवंबर 2025 के बाद पहली बार बढ़ोतरी की है। एमसीएलआर में एक महीने से लेकर तीन वर्ष तक के लिए 0.5 प्रतिशत तक की ...