लखीसराय, जून 13 -- लखीसराय, हिन्दुस्तान संवाददाता। शहर की सड़कों पर हर दिन लगने वाला महाजाम अब सिर्फ एक प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि आम जनता के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। मुनाफे की अंधी दौड़ में शामिल बैंकों की नो पार्किंग नो रिस्पांसिबिलिटी वाली नीति ने पूरे शहर को एक ऐसे चौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है जहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। नगर परिषद और जिला प्रशासन की खामोशी इस खतरे को और ज्यादा हवा दे रही है। ​इस महाजाम का सबसे खौफनाक और संवेदनशील पहलू यह है कि बैंकों के बाहर बेतरतीब खड़ी गाड़ियों के कारण लगने वाले जाम में हर दिन आपातकालीन सेवाएं दम तोड़ती नजर आती हैं। गंभीर मरीजों को लेकर सदर अस्पताल या पटना रेफर किए जा रहे मरीज एम्बुलेंस में ही तड़पने को मजबूर हैं। डॉक्टरों का कहना है कि गंभीर स्थिति में मरीज के लिए एक एक मिनट कीमती होत...