नई दिल्ली, अक्टूबर 27 -- सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति ए.एस. ओका ने मंगलवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट में मामलों के आवंटन में सीजेआई का हस्तक्षेप खत्म करने के लिए एक उचित रोस्टर प्रणाली की जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक कोलेजियम प्रणाली का कोई बेहतर विकल्प न मिल जाए, तब तक इसे नहीं बदला जाना चाहिए। जस्टिस ओका यहां 'न्यायिक जवाबदेही और सुधार अभियान' (सीजेएआर) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम का विषय 'सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज की जवाबदेही' था। जस्टिस ओका ने कहा कि न्यायिक स्वतंत्रता से समझौता किए बिना सभी स्तरों पर न्यायिक जवाबदेही को मजबूत किया जाना चाहिए। यह भी पढ़ें- हम कोई वेले नहीं जो आपका इंतजार करते रहें, कॉलेजियम मामले में चंद्रचूड़ पर भड़क गए SC के पूर्व जज उन्होंने कहा कि मैं कोलेजियम प्रणाल...