नई दिल्ली, जुलाई 22 -- नई दिल्ली, अरुण चट्ठा। बदलती जीवनशैली के बीच जरूरतों को पूरा करने के लिए लोग धड़ल्ले से कर्ज ले रहे हैं। टीवी, फ्रिज, एसी मोबाइल, वाहन खरीदने से लेकर घूमने जैसी हर जरूरतों को कर्ज लेकर पूरा किया जा रहा है। नतीजतन बीते सात वर्षों के दौरान उपभोग कर्ज की हिस्सेदारी तेजी से बढ़कर 49.7 फीसदी तक पहुंच गई है।

उपभोग ऋण वृद्धि आरबीआई के आंकड़े के अनुसार, मार्च 2019 से मार्च 2026 के बीच उपभोग ऋण 4.05 गुना बढ़ गया है। वहीं, कुल घरेलू कर्ज में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 49.7 फीसदी पहुंच गई है। इसके मुकाबले घर, जमीन जैसी संपत्ति खरीदने के लिए लिए जाने वाले परिसंपत्ति निर्माण ऋण में 2.42 गुना और कारोबार व अन्य उत्पादक गतिविधियों के लिए लिए जाने वाले ऋण में 3.07 गुना बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2019 तक तीनों श्रेणियों के कर्जों की हिस्सेदारी...