गुमला, अप्रैल 12 -- विशुनपुर, प्रतिनिधि। गुमला जिले के विशुनपुर प्रखंड के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में महुआ की फसल इस वर्ष बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान की भेंट चढ़ गई है। 7, 8 और 9 अप्रैल को हुई बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। स्थानीय किसानों के अनुसार महुआ का मौसम उनके लिए सालभर की आय का महत्वपूर्ण स्रोत होता है। कोकोटोली गांव के किसान जलेश्वर उरांव, राजू उरांव और केलेया उरांव ने बताया कि महुआ से होने वाली आमदनी से वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं। लेकिन इस बार बेमौसम बारिश ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया है। किसानों ने बताया कि पेड़ों से गिरे महुआ फूल बारिश के पानी में भीगकर खराब हो गए, जिससे उनकी गुणवत्ता और बाजार मूल्य दोनों प्रभावित हुए है...
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