एटा, अप्रैल 7 -- बेमौसम हो रही बारिश किसानों को कंगाल बनाने की ओर ले जा रही है। हर दूसरे दिन हो रही बारिश से किसानों को बड़ा नुकसान होने का अनुमान है। इस बारिश से गेहूं की उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। गेहूं के भीगने के कारण गुणवत्ता भी अच्छी नहीं रहेगी। इससे बाजार में भाव भी नहीं मिल पाएगा। नुकसान की भरपाई होना असंभव लग रहा है। सरकारी सर्वें में अभी तक कहीं पर भी नुकसान 33 फीसदी से अधिक नहीं मिला है। जब तक इससे अधिक नुकसान का आकलन नहीं होगा तब तक सरकार कोई मुआवजा नहीं देगी। इस मौसम में प्रमुख फसल किसानों की गेहूं होती है। जिले में गेहूं की फसल एक लाख 22 हजार हेक्टेयर में होती है। जनपद के अधिकांश किसान गेहूं की फसल करते हैं। पूरी फसल पकी खड़ी है। कुछ किसानों ने गेहूं को काट लिया है तो कुछ काटने की तैयारी में जुटे हैं। पिछले कई दिनों से हो रही...