कन्नौज, अप्रैल 10 -- जिले में बेमौसम हो रही रुक-रुक कर बारिश ने गेहूं उत्पादक किसानों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है। कटाई और मड़ाई के इस महत्वपूर्ण समय में मौसम का बिगड़ा मिजाज किसानों के लिए नई मुसीबत बन गया है। खेतों में खड़ी और कटी हुई फसल बार-बार भीग रही है, जिससे किसान जल्द से जल्द मड़ाई कर अनाज को सुरक्षित घर पहुंचाने की जद्दोजहद में लगे हैं।बारिश के कारण गेहूं के डंठल में अंदर तक नमी पहुंच गई है, जिससे थ्रेशर मशीनें भी सही ढंग से काम नहीं कर पा रही हैं। मड़ाई की रफ्तार धीमी हो गई है और मशीनों में पर्याप्त प्रेशर नहीं बन पा रहा। इसका सीधा असर समय और लागत दोनों पर पड़ रहा है। ट्रैक्टर संचालकों की मानें तो जहां सूखे गेहूं की मड़ाई में एक घंटे में करीब चार लीटर डीजल खर्च होता था, वहीं गीली फसल में यह खपत बढ़कर छह लीटर प्रति घंटा तक पहुंच...