बिहारशरीफ, अप्रैल 18 -- धरती पुत्रों की व्यथा 08 : बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, आंधी और सूखे से बिगड़ रही खेती की सेहत जरूरत से कम बारिश से टूट रही धान की आस, सूखते पारंपरिक जलस्रोतों ने बढ़ाई परेशानी अप्रत्याशित गर्मी व पछुआ हवा के कारण समय से पहले पक रहीं फसलें, सिकुड़ रहे गेहूं के दाने चढ़ते-उतरते पारे के कारण कीट-व्याधियों का प्रकोप, कीटनाशकों के बढ़ते खर्च निगल रहा मुनाफा मौसम का साथ न मिलने से उपज के साथ दानों की चमक और गुणवत्ता पर भी डाला रहा असर फोटो खेती फसल : सरदार बिगहा के पास मक्के के पौधे में लगी बालियों का मुआयना करता किसान। यह भी पढ़ें- कैमूर में मौसम की अनिश्चितता का खेतीबारी पर पड़ रहा दुष्प्रभाव बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। धरती पुत्रों की व्यथा सीरीज के आठवें भाग में आज बात उस सबसे बड़े 'खलनायक' की, जिस पर न तो किसान का बस चलता...
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