बगहा, मार्च 19 -- नगर के अलग-अलग मंदिरों व बेतिया राज के सभी मंदिरों में पूजा पाठ करने वाले नगर के पुरोहितों को सिर्फ 1200 से 1800 के मानदेय पर अपना जीवन बसर करना पड़ रहा है। इतनी कम राशि में जीवन बसर करना और परिजनों की आवश्यकता की पूर्ति करना पुरोहित वर्ग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रही है। सरकार की ओर से मानदेय के नाम पर मिलने वाली राशि से परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो रहा है। इतनी कम राशि में बच्चों की पढ़ाई ,शादी विवाह तथा अन्य सामाजिक सरोकार के दायित्व को निभाना मुश्किल हो रहा है। बीमार होने पर परेशानी बढ़ जाती है, क्योंकि आर्थिक तंगी के कारण वे इलाज भी नहीं करा पाते हैं। यह उद्गार है शहर के उन पुरोहितों का जिनको सरकार की ओर से मानदेय प्रदान किया जाता है। चढ़ावा की राशि से ही परिवार का गुजर बसर करना पड़ता है। बेतिया राज मंदिरों के...