लखनऊ, जुलाई 22 -- बेढंगी जीवनशैली स्वास्थ्य को लेकर सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियां ने भी संकट खड़ा कर दिया है। इनमें ब्लड प्रेशर, डायबिटिज, दिल, मोटापा समेत दूसरी बीमारियां शामिल हैं। इन बीमारियों से निपटने के लिए प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, समय पर जांच, बहुविषयक इलाज और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित रिजेनरेटिव मेडिसिन की जरूरत है। यह बात वरिष्ठ चिकित्सक एवं स्टेम सेल विशेषज्ञ डॉ. बीएस राजपूत ने कही। मंगलवार को एक होटल में स्पार्क हेल्थ की ओर से कार्यशाला हुई। सोशल एंड इकोनॉमिक सस्टेनेबिलिटी रिसर्च फाउंडेशन एवं अनुसंधान एवं ज्ञान मंच के संयुक्त तत्वावधान कार्यक्रम हुआ। डॉ. बीएस राजपूत ने कहा कि शहरीकरण, जीवनशैली, बढ़ता मोटापा, असंतुलित खान-पान और औसत आयु में वृद्धि के कारण क्रॉनिक और डिजेनरेटिव बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़...