नई दिल्ली, सितम्बर 9 -- संपत्ति को लेकर मां और बेटे के बीच चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हिंदू धर्म में 'मां' के महत्व रेखांकित करते हुए बेटे को अपनी मां से माफी मांगने को कहा है। मां की संपत्ति कब्जा करने के बेटे-बहू के प्रयास को विफल करते हुए शीर्ष अदालत ने मौखिक तौर पर बेटे से कहा कि वह अपनी मां के पास वापस जाएं और उनका पैर छूकर आर्शीवाद लें। न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ बेटे की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। हाईकोर्ट ने मां के हक में फैसला देते हुए बेटे से मकान खाली करने का आदेश दिया था। यह भी पढ़ें- आपने जो किया, वो गलत है; जाइए, मां के चरणों में गिरकर माफी मांगिए... फरियादी पर ही भड़के मीलॉर्ड! सुप्रीम कोर्ट ने बेटे की अपील खारिज करते हुए ...