बदायूं, दिसम्बर 22 -- दातागंज, संवाददाता। बरेली के एक निजी अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। दातागंज निवासी युवक की उपचार के दौरान मौत के बाद बेटे का शव नहीं दिया गया। पिता का आरोप है कि वह इलाज का बिल नहीं चुका पाए तो अस्पताल प्रबंधन ने बेटे का शव देने से इंकार कर दिया। जिसके बाद उन्होंने गांव में अपना झोपड़ीनमा मकान गिरवी रखा, फिर भी रुपये नहीं हुये तो गांव और बरेली में भीख मांगी। पूरे रुपये न हो पाने पर पुलिस से मदद मांगी तब जाकर उसके बेटे का शव दिया गया। दातागंज तहसील के हजरतपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले ग्राम नगरिया खनू के श्यामलाल वाल्मीकि का इकलौता बेटा धर्मवीर 21 वर्ष बीते एक दिसंबर को बाइक से गांव जा रहा था। बदायूं-दातागंज हाईवे पर मूसाझाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत कर ने टक्कर मार दी जिससे वह गंभीर रूप से ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.