प्रयागराज, सितम्बर 30 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। 31 साल पुराने हत्या के मामले में 80 वर्ष की बुजुर्ग मां की गवाही ने अहम भूमिका निभाई। अदालत ने मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने रामधारी, मुन्दर और फूलचन्द्र को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया। मुकदमे के दौरान अन्य नामजद अभियुक्तों की मृत्यु हो जाने के कारण उनके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त हो चुकी थी। यह आदेश अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अमित मालवीय और अभियुक्त पक्ष की ओर से उनके अधिवक्ता के र्तकों को सुनकर एवं पत्रावली पर उपलब्ध सबूतों का अवलोकन करने के बाद दिया।

बेटे की हत्या की प्रत्यक्षदर्शी है मां अभियोजन के अनुसार आठ मार्च 1991 को करछना थाने के महेवा गां...