रांची, अगस्त 4 -- रनिया, प्रतिनिधि। बेटे की मौत का दुख तो था ही, शव को घर तक लाने के लिए पैसे जुटाने की मजबूरी ने मां ललीता देवी का दर्द और बढ़ा दिया। रनिया प्रखंड के बनई गांव की ललीता देवी ने अपने बेटे कर्मपाल सिंह का शव तेलंगाना से मंगाने के लिए फसल लगे खेत को 40 हजार रुपये में बंधक रख दिया। गांव में दरवाजे-दरवाजे घूमकर किसी से 10 हजार, तो किसी से 20 और 30 हजार रुपये कर्ज लिए। रोपनी के लिए खेत बंधक रखकर जुटाए गए 10 हजार रुपये भी शव लाने में खर्च कर दिए। इसके बाद मौत के पांचवें दिन मां अपने बेटे का शव देख सकीं और फूट-फूटकर रो पड़ीं। एक लाख आठ हजार रुपये में घर पहुंचा शव:

शव लाने में खर्च और मुश्किलें ललीता देवी ने बताया कि तेलंगाना से बेटे का शव घर लाने में अब तक कुल एक लाख आठ हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। पहले दिन तेलंगाना में एंबुलेंस ...