उरई, दिसम्बर 1 -- जालौन। नौ माह पूर्व बेटे को कुल्फी के काम पर ले जाने के बहाने किसी और को सौंप दिया। तबसे पिता की बेटे से बात नहीं हो सकी है। पिता ने बेटे के अपहरण करने और उससे बंधुआ मजदूरी कराने की आशंका व्यक्त करते हुए न्यायालय की शरण ली है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दलालनपुरा निवासी आशाराम ने न्यायालय को बताया कि नगर क्षेत्र के मोहल्ला शाहगंज निवासी नैनू मार्च 2025 में उसके यहां आया और बेटे दीपक को काम धंधे का लालच देने लगा। उसने बताया कि वह उसे कुल्फी के काम पर मथुरा ले जाना चाहता है। उसकी बातों में आकर 20 मार्च 2025 को बेटा दीपक नैनू के साथ चला गया। कुछ दिन बाद बेटे ने फोन पर बताया कि नैनू ने उसे तोपखाना निवासी कलीम के यहां छोड़ दिया है और वह उसके यहां ही काम करेगा। इस...
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