बलिया, अगस्त 4 -- बलिया, संवाददाता। अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या आठ) विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट प्रथम कांत की अदालत ने अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म के दोषी पिता को सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कुकर्मी पिता पर 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। इसमें से 25 हजार रुपए पीड़ित बेटी को दिए जाएंगे, जबकि शेष धनराशि कोष में जमा करने का आदेश न्यायालय ने दिया है। जिला पुलिस की मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग के प्रभावी पैरवी के चलते पाक्सो एक्ट के इस मामले में अभियुक्त को दोषी करार दिए जाने के 46 दिनों में ही आजीवन कारावास की सजा हुई है। घटना सुखपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव की है। 15 वर्षीय बेटी ने आरोप लगाया कि 11 अप्रैल की रात करीब नौ बजे उसके पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने अपनी चाची के साथ थाने पर जाकर इसकी सूचन...