बेटी शादीशुदा है तो क्या हुआ, हक नहीं छीन सकते; 13 साल पुराने मामले में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
नई दिल्ली, सितम्बर 7 -- हरींद्र तिवारी, रांची झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि शादीशुदा बेटी को भी अनुकंपा पर नौकरी पाने का हक है। पति की आय होने से पिता पर उसकी निर्भरता खत्म नहीं होती। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (सीएमपीएफओ) को दिवंगत कर्मचारी की विवाहिता बेटी को आठ सप्ताह के भीतर अनुकंपा पर नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यदि महिला अपने पिता पर आर्थिक रूप से निर्भर थी, तो केवल शादीशुदा होने के आधार पर उसका दावा खारिज नहीं किया जा सकता। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि याचिकाकर्ता के पास आय का कोई स्वतंत्र साधन नहीं है और वह अपनी बीमार मां के साथ रहकर उनकी देखरेख कर रही है। कोर्ट ने माना कि नियोक्ता ने पति की मामूली आय को पिता पर निर्भरता खत्म...
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