लखनऊ, अप्रैल 16 -- हीमोफीलिया दिवस आज समय पर खून चढ़ाकर हीमोफीलिया जैसी गंभीर आनुवांशिक बीमारी से मरीजों का जीवन सुरक्षित किया जा सकता है80 प्रतिशत बेटों और 20 फीसदी बेटियों में होती है यह बीमारीलखनऊ, रजनीश रस्तोगीशरीर से खून बहना अगर घंटों तक न रुके तो इसे सामान्य चोट समझने की भूल भारी पड़ सकती है। यह संकेत हो सकता है हीमोफीलिया जैसी गंभीर आनुवांशिक बीमारी का। यह बीमारी बेटों में ज्यादा पाई जाती है। तकरीबन 80 प्रतिशत मरीज पुरुष होते हैं। जबकि बेटियों में हीमोफीलिया करीब 20 फीसदी होता है।लखनऊ में करीब 1200 मरीज हीमोफीलिया की चपेट में हैं। यह बीमारी एक लाख में एक बच्चे को हो सकती है। यह भी पढ़ें- बेटी के मुकाबले बेटों को हीमोफीलिया का खतरा ज्यादा यह बीमारी बच्चे को विरासत में मिलती है। केजीएमयू ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की अध्यक्...
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