धनबाद, फरवरी 10 -- कतरास, प्रतिनिधि। बेटा भाग्य से होता है, जबकि बेटी सौभाग्य से होती है। उक्त बातें कतरास के भंडारीडीह स्थित दुखहरण बाबा मंदिर में आयोजित श्री श्री विष्णु महायज्ञ के अंतर्गत चल रहे भागवत कथा में अयोध्या से आई कथा वाचिका रूपा रामायणी ने सोमवार को कही। उन्होंने कहा कि बेटियां लक्ष्मी का स्वरूप होती हैं और दो कुलों का उद्धार करती हैं। बेटियों को कभी भार नहीं समझना चाहिए। वर्तमान समय में भ्रूण हत्या जैसी घटनाएं समाज के लिए गंभीर खतरा है, जिससे सामाजिक संतुलन बिगड़ सकता है। उन्होंने संस्कारों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि संस्कार विहीन व्यक्ति कभी सुखी नहीं रह सकता। मनुष्य का बिगड़ना आसान है, लेकिन अच्छा बनना कठिन होता है, इसलिए सभी को अपनी संस्कृति और संस्कारों का सम्मान करते हुए जीवन को परोपकारी बनाना चाहिए। मौके पर छोटू प...