छपरा, दिसम्बर 6 -- दाउदपुर (मांझी)। किसी भी प्रकार के शोषण और प्रताड़ना से बचने के लिए कानूनी जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। कानून ने नागरिकों को जो अधिकार प्रदान किए हैं, उनकी जानकारी सभी तक पहुंचनी चाहिए। यह बातें पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति डॉ. अंशुमान ने मांझी प्रखंड के बरेजा गांव स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित भूपेंद्र-सुरेंद्र तिवारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नामकरण व संस्थापक सचिव पंडित सर्वदेव प्रसाद तिवारी की प्रतिमा अनावरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कहीं। उन्होंने कहा कि पहले पुत्री, मां, पत्नी और माता के रूप में महिलाओं को अलग-अलग अधिकार प्राप्त थे, पर समय-समय पर संशोधन के बाद कानून ने बेटा और बेटी दोनों को समान अधिकार दिए हैं। 2005 के कानून और उस पर 2019 में सर्वोच्च न्यायालय की व्याख्या के बाद बेटियों के अधि...
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