चंदौली, मई 23 -- पीडीडीयू नगर, संवाददाता। तीखी धूप एवं भीषण गर्मी से सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि बेजुबान भी मुश्किल में आ गए है। उन पर हीट स्ट्रोक का खतरा मंडराने लगता है। ऐसे में पशुओं की देखभाल में जरा सी भी लापरवाही हुई तो पशुओं को नुकसान पहुंच सकता है। लापरवाही से मवेशी संकट में आए तो पशुपालकों की भी दिक्कत बढ़ेगी। यदि शीघ्र उपचार नहीं मिला तो पशुओं की मौत तक हो सकती है। साथ ही साथ गर्मी से प्रभावित पशु का दुग्ध उत्पादन भी कम हो सकता है। यह भी पढ़ें- वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों को किया अलर्ट, पशुओं को "हीट स्ट्रेस" से बचाए रखेंहीट स्ट्रोक के लक्षण उक्त बातें प्रभारी पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ आरके यादव ने कही। उन्होंने कहा कि यदि पशु के शरीर के तापमान में एक डिग्री सेंटीग्रेड की वृद्धि होती है, तो दुग्ध उत्पादन में 10-15 प्रतिशत की हानि होती ...