नई दिल्ली, मार्च 5 -- मंदिर की जमीन से अतिक्रमण हटाने से जुड़े एक मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई है। अदालत ने कहा है कि एक देवता के पास वोट डालने का अधिकारी नहीं है, तो ऐसे में उन्हें ऐसे ही नहीं छोड़ सकते। दरअसल, अदालत इस बात पर नाराजगी जता रहा था कि उनके करीब 7 साल पुराने के आदेश के बाद भी अतिक्रमण हटाने के लिए कड़े कदम नहीं उठाए गए। मामला करूर जिले के बालसुब्रमण्यम स्वामी मंदिर से जुड़ा हुआ है। अदालत साल 2024 में ए राधाकृष्ण की तरफ से दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी। जस्टिस पी वेलमुरुगन और जस्टिस बी पुगलेंधी की डिवीजन बेंच इसपर सुनवाई कर रही थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जजों ने करूर डीएसपी की तरफ से दाखिल रिपोर्ट पर गौर किया, जिसमें कहा गया था कि अधिकारियों ने साल 2025 में कई मौकों पर ...