बेगुसराय, जून 25 -- टीम साईं की रसोई का पंचलाइन :क्योंकि कोई भूखा ना सो जाए, और कोई बेटी सपनों से वंचित ना रह जाए। कहते हैं कि बेटी की शादी केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का उत्सव होता है। जब किसी जरूरतमंद पिता के सपनों पर आर्थिक अभाव की धुंध छाने लगे, तब यदि समाज उसके साथ खड़ा हो जाए तो वह धुंध उम्मीद की रोशनी में बदल जाती है। ऐसा ही प्रेरणादायक उदाहरण मोहनपुर, बेगूसराय में देखने को मिला, जहां टीम साईं की रसोई ने एक जरूरतमंद परिवार की बेटी की शादी में सहयोग कर मानवता और सामाजिक सरोकार की अनूठी मिसाल पेश की।

आर्थिक कठिनाइयों का सामना आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे पिता के लिए बेटी की शादी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं थी। परिवार की स्थिति की जानकारी मिलते ही टीम साईं की रसोई ने समाज के संवेदनशील लोगों को जोड़ा। जनसहयोग के माध्यम से ब...