बिजनौर, अप्रैल 27 -- नगीना। मुफ्ती नबील अहमद रशीदी (नायब जनरल सेक्रेटरी, जमीयत उलेमा-ए-हिंद, जिला बिजनौर) ने अपने बयान में कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि वे शादी-ब्याह को सादा और आसान बनाएं। इस्लाम सादगी, पाकीजगी और संतुलन की शिक्षा देता है। शादियों में फिजूल खर्च और दिखावा पूरी तरह छोड़ देना चाहिए। पटाखे, डीजे, बाजा और नाच-गाना जैसी बेकार चीजों से दूर रहना चाहिए। ये बातें न सिर्फ गैर-इस्लामी हैं बल्कि समाज में बिगाड़ भी पैदा करती हैं। निकाह को सुन्नत के अनुसार इज्जत और सादगी के साथ करना चाहिए। बेवजह की रस्मों और परंपराओं की पाबंदी से बचना चाहिए। सादा निकाह से जिंदगी सफल बरकत और सुकून खुशहाल से गुजरती है। यह भी पढ़ें- अतीत की सादगी और वर्तमान को बयां की पैदल बारात की परंपरा दीन की असली भावना को अपनाएं।

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