बांदा, अगस्त 14 -- बांदा। बुंदेलखंड को वीरों की धरती कहा जाता है। जिले में यमुना नदी के किनारे बसे दो ऐसे गांव बेंदा व जौहरपुर गांव जो कि मजरों में बसे हैं। ऐसे गांव हैं, जहां से सबसे ज्यादा युवा देश के लिए सैनिक बन सेवा कर रहे हैं। भारत-पाकिस्तान के पहले युद्ध (1947-48) में छह फरवरी 1948 को सैनिक केदार सिंह व 1971 के युद्ध में जौहरपुर के बलिदानी सैनिक सूरज पाल सिंह यहां के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने हैं। यहां कमोबेश हर घर एक युवक देश सेवा की तैयारी में जुटा है। प्रतिदिन सुबह से सुबह दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद आदि में लग जाता है। यह भी पढ़ें- Independence Day: यूपी के इन गांवों के हर घर में सैनिक! सेना में भर्ती होना युवाओं की पहली पसंद हालिया दिनों में हुई एक भर्ती में इसी बेंदा, जौहरपुर व अमलीकौर के 6 से ज्यादा युवा सेना में भर्ती हुए...