संतकबीरनगर, जुलाई 14 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले कग मेंहदावल क्षेत्र में सैकड़ों वर्ष पुरानी बूढ़ी राप्ती नदी कभी बिसौवा गांव वालों के लिए वरदान साबित हो रही थी। किसानों के खेतों को सिंचित करने और भूजल स्तर को संतुलित रखने वाली बूढ़ी राप्ती नदी को पुनर्जीवित करने के सरकारी अभियान ने एक वर्ष में ही दम तोड़ दिया। जिस नदी के पुनर्जीवन के लिए प्रशासन ने बड़े-बड़े दावे किए, जिम्मेदारों ने स्वयं फावड़ा चलाकर श्रमदान किया। उस अभियान की अधूरी खुदाई उदासीनता की भेंट चढ़ गई है। एक वर्ष में मात्र 70 मीटर तक खुदाई कर काम रोक दिया गया। जिससे नदी की तलहटी झाड़-झंखाड़ से पटी हुई है। जिससे नदी में बरसात का पानी भी नहीं टिक रहा है। जिससे क्षेत्रीय लोगों में जिम्मेदारों के प्रति नाराजगी व्याप्त है。

परियोजना की शुरुआत शासन के आदेश पर नद...