नई दिल्ली, मई 26 -- पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौता स्थगित कर चुके भारत ने अब पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार चिनाब नदी बेसिन के अतिरिक्त पानी को हिमाचल प्रदेश की ओर मोड़ने के लिए 2,620 करोड़ रुपये के दो प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर तेजी से विचार कर रही है। विशेषकर उत्तर भारत के लिए इस ऐतिहासिक फैसले का सीधा असर यह होगा कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली जैसे जल संकट वाले राज्यों को पहले से अधिक पानी मिलेगा और हिमाचल प्रदेश में 4,000 मेगावाट अतिरिक्त पनबिजली पैदा हो सकेगी।चिनाब-ब्यास लिंक टनल: एक रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार का मुख्य फोकस चिनाब की सहायक नदी 'चंद्रा' (लाहौल घाटी) के पानी को ब्यास नदी प्रणाली में डायवर्ट करना है। इसके...