रामपुर, फरवरी 12 -- अधिवक्ता की मौत के बाद जिला अस्पताल परिसर में अधिवक्ताओं के साथ ही परिजनों ने आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्यवाही की मांग की। इसके साथ ही आरोपी की संपत्ति की जांच कराने की मांग उठाई। -पत्नी को सर्विंस से हटाने को लेकर कोई बात हुई थी। जिसका अधिवक्ता ने विरोध किया था तो असगर अली ने गोली मार दी। अधिवक्ता की मौत हो गई। इस सरकार में आम लोग और अधिवक्ता सुरक्षित नहीं है। इस मामले में केस दर्ज कराया गया है। -राजेंद्र प्रसाद लोधी, बार अध्यक्ष -सरकारी कर्मचारी को दो-दो लाइसेंस प्रदान कर दिए गए है। मगर अधिवक्ता को सुरक्षा के लिए लाइसेंस नहीं दिया जाता है। सवाल यह भी है कि उच्च अधिकारी ने वर्क पैलेस पर शस्त्र लाने की अनुमति कैसे दें दी। यह सब जांच का सवाल है। -सतनाम सिंह मट्टू, पूर्व बार अध्यक्ष
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