दुमका, अप्रैल 5 -- दुमका। अटूट आस्था व विश्वास का त्योहार ईस्टर पर रविवार को दुमका जिलों के ईसाई धर्मावलंबियों ने प्रभु यीशु की प्रार्थना की एवं कैंडल जलाया। दुमका दुधानी स्थित चर्च में शनिवार रात्रि से विशप जूलियस मरांडी की अगुवाई में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रात्रि के 2 बजे तक चला। साथ ही दुमका खिजुरिया स्थित कब्रगाह में सुबह 4 बजे से ही अपने-अपने पूर्वजों के कब्र में कैंडल जलाया। ईसाई धर्मावलंबियों का मानना हैं कि प्रभु यीशु मृत्यु के तीसरे दिन पुनर्जीवित हो गए थे। इसलिए इस दिन ईस्टर के रूप में मनाया जाता हैं। ईस्टर त्योहार सम्पूर्ण समाज के समक्ष बुराई पर अच्छाई की जीत का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता हैं। ईसा मसीह ने मानवता और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर सभी के समक्ष सर्वोच्च त्याग कर अनुपम उ...
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