महोबा, मई 10 -- महोबा,संवाददाता। संत कबीर अमृतवाणी सत्संग में भगवान की भक्ति करने मात्र से कष्टो से निजात मिलने की बात कही गई। साहित्यकारों द्वारा भजन पेश किए गए। बुराई करने वाले दोस्त से सावधान रहने पर जोर दिया गया है।रविवार को संत कबीर अमृतवाणी सत्संग की शुरुआत कबीर वंदना जय कबीर, जय कबीर जय गुरु कबीरा दास तोरे द्वार खड़े उनकी हरो पीड़ा से किया गया। इस मौके पर समिति के प्रमुख डॉ0एलसी अनुरागी ने कहा कि बुराई की निंदा करना तो ठीक है परन्तु अच्छे व्यक्ति की निंदा नही करनी चाहिए। उन्होने हमेशा बुराई करने वाले दोस्त से दूर रहने पर जोर दिया। यह भी पढ़ें- बुराई करने वाला दोस्त दुश्मन से ज्यादा खतरनाक कहा कि ऐसा निंदतक चाहे 56 करोड़ बाद पृथ्वी की परिक्रमा कर ले मगर वह नरक में ही जाएगा। उन्होने कबीर के दोहे अरसठ तीरथ निंदक नहाई, देह पलोसे मैल न ...