नई दिल्ली, फरवरी 23 -- ज्योतिष शास्त्र में बुद्धि, सोच-विचार और संवाद के कारक माने जाने वाले बुध ग्रह 26 फरवरी 2026 से कुंभ राशि में वक्री होने जा रहे हैं। बुध की यह उलटी चाल करीब तीन हफ्ते तक यानी 21 मार्च 2026 तक रहेगी। ज्योतिष के अनुसार, जब बुध वक्री होते हैं तो लोगों के फैसले लेने की क्षमता, बातचीत का तरीका, और व्यापार से जुड़े मामलों में गड़बड़ियां देखने को मिलती हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, बुध वक्री के दौरान पुराने मुद्दे फिर से सामने आ सकते हैं, अधूरे काम दोबारा ध्यान मांगते हैं और कई बार रिश्तों या प्रोफेशनल लाइफ में गलतफहमियां बढ़ जाती हैं। इसलिए इस दौर में हर फैसला थोड़ा ठहरकर लेना बेहतर माना जाता है। अब जानते हैं कि बुध के कुंभ राशि में वक्री होने से कौन सी राशियों को फायदा या मिलाजुला असर मिलेगा और कौन सी राशियों को ज्याद...