बुलंदशहर, अगस्त 8 -- कांवड़ यात्रा के बीच आस्था और मातृभक्ति की अनूठी तस्वीर सामने आई है। छह भाइयों ने अपनी बुजुर्ग मां को पालकी में बैठाकर हरिद्वार से बुलंदशहर तक की यात्रा पूरी की। मां की खुशी के लिए बेटों ने करीब 40 किलोमीटर प्रतिदिन की दूरी तय करते हुए उन्हें पालकी में साथ रखा। रास्ते में जब लोगों ने छहों बेटों को मां की पालकी उठाकर चलते देखा तो हर किसी ने उनकी जमकर सराहना की। कई लोगों ने भाइयों को कलयुग के श्रवण कुमार तक कह दिया। खुर्जा क्षेत्र के गांव भुन्ना के निवासी छह भाई दो अगस्त को अपनी बुजुर्ग मां के साथ हरिद्वार पहुंचे थे। यह भी पढ़ें- कांवड़ : 76 वर्षीय भूरी अपने बेटों के साथ कांवड़ ला रहे इसके बाद तीन अगस्त को उन्होंने मां को पालकी में बैठाया और बुलंदशहर के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान सभी भाई बारी-बारी से पालकी को कंधा द...