हरदोई, जून 29 -- बिलग्राम। खाद इस बार किसानों को रुला रही है। बाजार में न तो डीएपी है और न ही यूरिया। दाम तो सातवे आसमान पर है। लोगों ने नजरिया बदला कि बरसात में हरी खाद खेत मे तैयार करके ही काम चला लिया जाय। तो सरकारी बीज भंडार पर हरी खाद का बीज ही उपलब्ध नही है। खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच किसानों को एक बार फिर सरकारी कृषि बीज भंडार की अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए उपयोग किए जाने वाले हरी खाद के प्रमुख बीज ढैंचा की मांग बढ़ने से पहले ही सरकारी बीज भंडार में इसका स्टॉक समाप्त हो गया है, जिससे किसान मायूस हैं। क्षेत्र के किसान गोबर और जैविक खाद की कमी के चलते खाली खेतों में ढैंचा की बुआई कर भूमि की उर्वरता बढ़ाते हैं। लेकिन जब किसान बीज लेने के लिए सरकारी गोदाम पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि ढै...