रांची, मार्च 21 -- बुंडू,प्रतिनिधि,संवाददाता। प्रकृति पर्व सरहुल पर शनिवार को बुंडू में विभिन्न आदिवासी संगठनों सेवा संस्था ताऊ, पीपीके कॉलेज आदिवासी छात्रावास, मुंडा कॉलोनी, एसएस बालक छात्रावास, सरना स्थल बुंडू, दाडीलौग टुंगरी, डामारी, एदेलहातू, बेसराटोली, भाभरी आदि सरना स्थलों से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में इतनी भीड़ उमड़ी की बुंडू नगर की सड़कें छोटी पड़ गई। शोभायात्रा बुंडू स्थित मौसीबाड़ी गिड़ीबा स्थल पर पूजन अर्चना के बाद विसर्जन के साथ समाप्त हुई। शोभायात्रा में विधायक विकास मुंडा पत्नी के साथ शामिल हुए और ढोल-नगाड़े की थाप पर खूब थिरके। उन्होंने सरहुल को प्रकृति, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों तक अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य है। विभिन्न वक्ताओं ने सरहु...