धनबाद, मई 25 -- देश में जिन कोयला खदानों में कोयले का भंडार खत्म हो गया है, उन्हें स्थायी रूप से बंद करने की योजना बन रही है। वैज्ञानिक तरीके से माइन क्लोजर के पीछे उद्देश्य बंद खदान की जमीन का पुन: उपयोग या कम्यूनिटी के हित में अन्य उपयोग किया जा सके। हालांकि बीसीसीएल में फिलहाल ऐसी कोई खदान नहीं है, जिसको स्थायी रूप से बंद किया जा सके। बीसीसीएल में नौ खदानों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें अस्थायी (टेम्परोरी क्लोजर) की योजना है। इन नौ खदानों में अभी भी कोयले का भंडार है। खदानें काफी पुरानी हैं और विभिन्न कारणों से कोयला उत्पादन नहीं किया हो रहा है। यह भी पढ़ें- केवि भुरकुंडा की वापसी में एनओसी बना पेच, सीसीएल से पहल की उठी मांग चिह्नित नौ खदानों को अस्थायी रूप से बंद करने के लिए बीसीसीएल के निदेशकों को टेम्परोरी क्लोजर प्लान के क्रियान्...