धनबाद, जून 28 -- वित्तीय वर्ष 2025-26 में झारखंड की सात कोयला खदानें टॉप 35 की श्रेणी में थी। खराब प्रदर्शन के कारण बीसीसीएल एवं सीसीएल की एक-एक खदान इससे बाहर हो गई हैं। झारखंड में अब पांच कोयला खदानें ही टॉप 35 श्रेणी में हैं। चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल एवं मई महीने की रिपोर्ट में झारखंड की पांच कोयला खदानों की ही गिनती देश के टॉप 35 श्रेणी में की गई है। मालूम हो कि कम से कम चार मिलियन टन कोयला उत्पादन करने वाली खदानों को ही टॉप 35 श्रेणी में शामिल किया जाता है। बीसीसीएल की दो खदानें एकीकृत एनटीएसटी कुजामा एवं एकीकृत मुराईडीह फुलारीटांड़ पिछले साल टॉप 35 श्रेणी में थी। चालू वित्तीय वर्ष में सिर्फ एकीकृत एनटीएसटी कुजामा को जगह मिली है। जानकारों की मानें तो वर्तमान समय में जितनी बड़ी कोयला खदान होती है, उतना कम उत्पादन लागत रहता है। इसल...