नई दिल्ली, सितम्बर 2 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा से कहा कि आप सिर्फ अस्थाई अध्यक्ष हैं, इसलिए संस्थान के रोजमर्रा के कामकाज के अलावा कोई भी बड़ा नीतिगत फैसला नहीं ले सकते। यदि कोई बड़ा नीतिगत फैसला लेना है तो उस प्रक्रिया में भारत के अटॉर्नी जनरल (एजी) और सॉलिसिटर जनरल (एसजी)को शामिल करना होगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने उन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की है, जिनमें बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा पर लंबे समय से अपने पद पर बने रहने का आरोप लगाया गया है। साथ ही, उन्हें पद से हटाने की मांग की गई। न्यायमूर्ति बागची ने बीसीआई की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गुरु कृष्णकुमार से कहा कि जब तक राज्यों के बार चुनाव के बा...