आगरा, जनवरी 31 -- पैसों के लेनदेन के लिए वादिया का पुत्र रुपे कार्ड का प्रयोग करता था। उसके खाते से बैंक द्वारा प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत दो लाख रुपये के बीमा की किस्त काटी जाती थी। साथ ही रुपे कार्ड पर भी एक लाख रुपये के बीमा का प्रावधान था। सड़क हादसे में पुत्र की मृत्यु के बाद बीमा कंपनी ने क्लेम खारिज कर दिया, जिस पर न्याय के लिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में वाद प्रस्तुत किया गया। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह ने मृतक के माता-पिता को बीमा कंपनी से सवा तीन लाख रुपये दिलाने के आदेश दिए। वादिया मीना देवी निवासी गढ़ी भदौरिया, थाना जगदीशपुरा ने वरिष्ठ अधिवक्ता बी.पी. ओझा के माध्यम से आयोग में वाद दायर किया था। आरोप था कि उनके पुत्र नेत्रपाल का केनरा बैंक की जयपुर हाउस शाखा में बचत खाता था। उनके अविवाह...
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