नई दिल्ली, जनवरी 25 -- जब जेब खाली हो और हमसफर की जान खतरे में हो, तो इंसान कुछ भी कर गुजरता है। यह कहानी ओडिशा के संबलपुर जिले के रहने वाले 70 वर्षीय बाबू लोहार की है, जिनका हौसला और अपनी पत्नी के प्रति समर्पण किसी मिसाल से कम नहीं है। ओडिशा के संबलपुर के रहने वाले 70 साल के बाबू लोहार ने अपनी बीमार पत्नी के इलाज के लिए एम्बुलेंस का पैसा न होने पर उन्होंने अपनी रिक्शा को ही एम्बुलेंस बना लिया और कड़ाके की ठंड में 300 किलोमीटर का सफर तय कर कटक पहुंचे। बाबू लोहार की पत्नी ज्योति को पिछले साल नवंबर में स्ट्रोक आया था। स्थानीय डॉक्टरों ने उन्हें कटक के सरकारी एससीबी मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। एम्बुलेंस किराए पर लेने के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए बाबू ने अपने रिक्शा वैन पर पुरानी गद्दियां बिछाईं और पत्नी को लेकर निकल पड़े। संबलपुर से कटक की...