उन्नाव, जुलाई 21 -- उन्नाव, संवाददाता। माखी गांव के रहने वाले 55 वर्षीय रामबरन पुत्र लल्लू 4 दिन से बुखार से ग्रसित थे। परिजन प्राइवेट अस्पताल में इलाज भी करवा रहे थे। सोमवार रात हालत बिगड़ने पर भतीजे विश्वनाथ ने चाचा रामबरन को जिला अस्पताल की इमर्जेंसी में भर्ती कराया था। यहां इलाज दौरान डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। परिजन शव का पोस्टमार्टम कराए जाने से इंकार किया। तब अस्पताल चौकी प्रभारी अंजनी सिंह ने पंचायतनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव लेकर घर चले गए।

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