लखनऊ, जून 2 -- बीबीएयू के वैज्ञानिकों ने ल्यूपस नेफ्राइटिस (गंभीर गुर्दा रोग) के इलाज के लिए एक नई दवा विकसित की है। इस नई दवा यौगिक एफआरपी-024 को भारतीय पेटेंट मिला है। यह पेटेंट जैव प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. यूसुफ अख्तर और शोध छात्रा डॉ. गरिमा सिंह एवं रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. जवाहरलाल जाट को मिला है। इस दवा यौगिक का ट्रायल जानवरों व इंसानों पर होने के बाद ही आम लोगों पर इस्तोमल होगा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने इस उपलब्धि पर पूरी शोध टीम को बधाई देते हुए इसे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया। जैव प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. युसूफ अख्तर ने बताया कि आधुनिक कंप्यूटेशनल तकनीक की मदद से 1.55 लाख से अधिक रसायनों की जांच की। कई चरणों की स्क्रीनिंग के बाद एफआरपी-024 नामक यौगिक सबसे प्रभावी पाया गया। इसके बाद इसे प्र...