नई दिल्ली, अक्टूबर 7 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई हेडक्वार्टर से जुड़ी सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (सीएफएसएल) को नितिन नरेश से जुड़े एक विवादित फोन रिकॉर्डिंग की जांच करने का निर्देश दिया है। नितिन ने दावा किया कि ऑडियो उनकी आवाज का एआई-जनरेटेड क्लोन हो सकता है। न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने यह आदेश बीपीटीपी लिमिटेड की उस अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया जिसमें प्रतिवादियों पर अदालत के पहले के आदेश को जानबूझकर न मानने का आरोप लगाया गया है। बीपीटीपी के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने आरोप लगाया कि 3 सितंबर के आदेश के बाद नरेश ने बीपीटीपी के एक अधिकृत प्रतिनिधि जय शंकर से बात की, जो पैसे मांगने के लिए एक जबरन वसूली का कॉल लग रही थी। यह भी पढ़ें- इन पर आपराधिक मामला दर्ज करो, 6 CBI अधिकारियों पर भड़का हाईकोर्ट; झूठ बोलने की सजा पीठ ...