नई दिल्ली, अक्टूबर 16 -- प्राइवेट कॉलेजों से इंजीनियरिंग और डॉक्टरी जैसे प्रोफेशनल कोर्स कर रहे छात्रों के हक में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। अब इन छात्रों को कोर्स के बीच में ही फीस बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ेगा। शीर्ष अदालत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा है कि एडमिशन के बाद फीस स्ट्रक्चर में कोई भी बदलाव केवल बहुत खास परिस्थितियों में ही किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि छात्रों को दाखिले के समय तय की गई फीस से अधिक भुगतान करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। दाखिले के बाद कॉलेज मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकते। देश की सबसे बड़ी अदालत का यह फैसला उन छात्रों और परिवारों के लिए अहम है, जिन्हें कोर्स के बीच में फीस बढ़ने से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अकसर पेरेंट्स दाखिले के समय उपलब्ध संसाधनों और अपन...