लखनऊ, अगस्त 17 -- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आलू उत्पादक किसानों को बाजार में कीमत गिरने, भंडारण की बढ़ती लागत और महंगे बीज से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए तीन नई योजनाएं शुरू की हैं। सरकार ने आलू किसानों के हित में 1000 करोड़ रुपये के भामाशाह भाव स्थिरता कोष की व्यवस्था की है। इसके साथ ही निजी कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू पर भंडारण शुल्क के लिए सब्सिडी और गुणवत्तापूर्ण आलू बीज की खरीद पर छूट देने का फैसला किया गया है। सरकार की ओर से तय व्यवस्था के तहत कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति आलू की उत्पादन लागत निर्धारित करेगी। इसके आधार पर किसानों को बाजार भाव कम होने की स्थिति में आर्थिक सहायता दी जाएगी।लागत और बिक्री मूल्य के बीच के अंतर के बराबर सब्सिडी किसानों को निर्धारित उत्पादन लागत के 25 प्रतिशत के बराबर या उत्पादन लागत...