आजमगढ़, मई 29 -- आजमगढ़, संवाददाता। इस समय जिले के बहुत से किसानों ने धान की नर्सरी डालना प्रारंभ कर दिया है। किसान बीज शोधन कर नर्सरी डालेगें तो बहुत सी बीज जनित बीमारियों में कमी होगी। फसल में पैदावार भी बेहतर होगी। कंडुवा रोग जैसी खतरनाक बीमारियों पर नियंत्रण में लगेगा। कृषि विज्ञान केंद्र, लेदौरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एलसी वर्मा ने बताया कि कंडुआ जैसी बीमारियों के प्रकोप को कम करने के लिए धान के बीज का बीज शोधन बहुत जरूरी है। बीज शोधन फसलों में टीकाकरण जैसा ही है। बोआई पूर्व बीज शोधन और रोपाई पूर्व पौध उपचार से बीमारियों के प्रकोप में कमी लाई जा सकती है। यह भी पढ़ें- रजिस्टर्ड प्रतिष्ठानों से खरीदें बीज और पेस्टीसाइड बीज प्रौद्योगिकी वैज्ञानिक राजन कुमार ने बताया कि सर्वप्रथम बीज को कुछ देर के लिए साफ पानी में भिगो दें और...