नई दिल्ली, अप्रैल 5 -- हर साल हमारे देश में लाखों छात्र जब 12वीं पास करते हैं तो उनके दिमाग में बैचलर ऑफ कॉमर्स यानी बीकॉम करने काफी ख्याल आता है। इसे हमेशा से एक ऐसा सुरक्षित रास्ता माना गया है, जो आगे चलकर करियर के कई दरवाजे खुले रखता है। लेकिन क्या सच में आज के दौर में भी ऐसा ही है? असल में तेजी से बदलते जॉब मार्केट में यह तस्वीर अब काफी डरावनी हो चुकी है। इंडिया स्किल्स रिपोर्ट 2025 के आंकड़े एक कड़वी सच्चाई बयां करते हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक, मुश्किल से 55 फीसदी बीकॉम ग्रेजुएट्स ही ऐसे हैं जिन्हें तुरंत नौकरी देने लायक माना जा सकता है। इसका सीधा मतलब है कि बाकी 45 प्रतिशत युवाओं के पास डिग्री का कागज तो है, लेकिन हुनर पूरी तरह से नदारद है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या हमारा बीकॉम का पुराना सिलेबस आज की कॉरपोरेट दुनिया की ...