अमरोहा, जुलाई 31 -- सीजेएम कोर्ट ने बीएसए, तत्कालीन बीईओ जोया व शिक्षिका समेत सात लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में लगाई गई शहर कोतवाली पुलिस की एफआर को निरस्त कर दिया है। मामला आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और सरकारी धन के गबन से जुड़ा था। कोर्ट ने विवेचना को पक्षपातपूर्ण मानते हुए विवेचक पर भी सख्त टिप्पणी की तथा पुनः विवेचना करने के आदेश दिया। दरअसल, शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोट निवासी अधिवक्ता एवं आरटीआई एसोसिएशन ऑफ इंडिया के जिलाध्यक्ष मनु शर्मा ने कोर्ट की शरण लेकर ये मुकदमा दर्ज कराया था। उनके मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात शिक्षिका वर्षा गुप्ता का साल 2016 में बिना आवश्यक चिकित्सीय अभिलेख और मेडिकल के 42 दिनों का गर्भपात अवकाश स्वीकृत किया गया था। उनका कहना है कि सच्चाई ये है कि उन्हें गर्भपात हुआ ही नहीं था। नियम के तहत बिन...